प्रस्तुत शायरी संग्रह , पांच भागों में - "तेरी याद , सजा , तनहाई , जिंदगी और मोहब्बत" में व्यवस्थित है। एक परंपरागत विषय है, जो सदैव नवीन है, वह है-‘प्रेम’। यह झरने की तरह सदैव प
“अंतराल” एक काव्य संग्रह है, जिसे चार खंडो में रखा गया है।
प्रथम खंड: हे सूर्य- इस खंड में सूर्य को इंगित करते हुए भिन्न-भिन्न आयामों पर आधारित १२ कवितायेँ हैं।
द्वितीयी
अख़बार पढ़ते हुए ना जाने कब झपकी आ गई थी । अचानक फ़ोन की घंटी बजने से नींद खुली , देखा तो कोई अनजान नंबर था। आजकल फेक कॉल आ Read More...