"हर लड़की शादी के बाद बदलती नहीं...
कभी-कभी वो खुद को खो देती है।
"क्या शादी के बाद एक लड़की सच में बदल जाती है...या वो खुद को कहीं खो देती है?
"चुप रहने की कीमत" सिर्फ एक कहानी नहीं है,यह हर उस औरत की सच्चाई है जो शादी के बाद अपनी नई पहचान ढूंढने की कोशिश करती है।
इस किताब में आप पाएंगे-एक लड़की का सफर,जहाँ वो एक बहू बनती है,एक पत्नी बनती है,पर सबसे बड़ी बात-वो खुद को समझना सीखती है।कभी वो चुप रहती है,कभी बोलती है,कभी टूटती है,और फिर खुद को जोड़ती है।
यह किताब आपको दिखाएगी-
• सास-बहू के रिश्तों की असली सच्चाई
• जॉब और घर के बीच का संघर्ष
• "लोग क्या कहेंगे" का दबाव
• खुद की पहचान को बचाने की जंग
• और वो छोटी-छोटी बातें जो एक लड़की हर दिन महसूस करती है
अगर आपने कभी ये सोचा है-"क्या मैं सही कर रही हूँ?"तो यह किताब आपके लिए है।यह कहानी आपको सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं,बल्कि महसूस करने के लिए है।
क्योंकि शायद...इसमें आपको अपनी ही कहानी नजर आए।