कभी हर घर के आँगन में चिड़ियों की चहचहाहट गूंजती थी। लेकिन समय के साथ आधुनिक जीवन, बढ़ते शहर और मानवीय हस्तक्षेप ने प्रकृति की उस मधुर ध्वनि को धीरे-धीरे कम कर दिया।
‘एक चिड़िया का शोर’ एक ऐसी संवेदनशील कहानी है जो शेरा के बचपन की एक छोटी-सी याद से शुरू होती है—उस गौरैया की याद, जिसने कभी उसके घर में घोंसला बनाया था। वही छोटी-सी चिड़िया उसके जीवन की सोच बदल देती है और उसे प्रकृति तथा पक्षियों की रक्षा के लिए प्रेरित करती है।
यह पुस्तक केवल एक कहानी नहीं है, बल्कि प्रकृति, यादों और मानवीय जिम्मेदारी की एक गहरी यात्रा है। यह हमें याद दिलाती है कि यदि हम चाहें तो छोटे-छोटे प्रयासों से भी प्रकृति को फिर से जीवंत बना सकते हैं।
यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए है जो प्रकृति की चहचहाहट को फिर से सुनना चाहता है।
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