“ बैगानों की भीड़ में ,
किसी अपने की तलाश लिए ,
लिखती है कलम मेरी कोई बेमतलब सा आश लिए ,
हैं ये मेरी हर सुख दुख की साथी ,
जैसे हर वक्त साथ रहते हैं दिया और बाती ”
इनका नाम राधा कुमारी है और ये पटना की रहने वाली हैं। इन्होनें अपनी पढ़ाई पटना के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से संपन्न की है और इनकी स्नातक की पढ़ाई zoology (hons) भी राजकीय महाविद्यालय से संपन्न हुई ।इन्होनें पहली बार कविता और लिखना पार्ट वन से शुरू किया उस समय तब इन्होनें कॉलेज के मैगजीन के लिए पहली बार लिखा ।जिसमे इन्हें काफी प्रोत्साहन मिला ।उसके बाद इन्होनें फिर थोड़ा-थोड़ा शायरी लिखना शुरू किया और धीरे-धीरे ये लोगों की जिंदगी से जुड़ करके और कुछ ऐतिहासिक पुरानी चीजें जैसे कृष्ण भगवान की लीलाओ को लिखने लगी। इन्होनें अपनी बातों को लिखने का माध्यम हिंदी चुना ताकि जो भी इनके लेखनी को पढ़े वह उसे अपने जिंदगी से जोड़ जोड़ सके क्योंकि हिंदी कैसा भाषा है जिससे कि हर लोग परिचित है और यह ना सिर्फ हमारी राष्ट्रभाषा है बल्कि यह एहसास को जाताने वाली भाषा है, इसलिए इन्होनें हिंदी का चयन किया था कि ये अपने बातों को कविता,कहानी, शायरी के जरिए हिंदी की भाषा में लिखे, और लोगों के दिल में अपनी लेखनी से एक जगह बनाए।
#AKII#@@@ अंकिता नाहर मूल रूप से अजमेर, राजस्थान की रहने वाली हैं। ये लिखने के लिए हमेशा उत्साहित रहती है साथ ही हमेशा शब्दों से सुकून सा पाती हैं। ये अपने विचारों और जो भी इन्होंने अपनी जिंदगी से सीखा है, अनुभव किया है उसे अपनी रचनाओं में लिख देती हैं। इससे इनकी रचनाएँ बहुत ही ज्यादा भावुक भावों वाली और प्रभावशाली बन जाती हैं। जो कि पढ़ने वालों को बहुत आकर्षित करती है। वह इस माध्यम को और आगे तक ले जाना चाहती हैं।
लेखन से उनका संबन्ध काफी पुराना है पर जब भी वो कुछ लिखती हैं हमेशा नया सा ही लगता हैं।
अबतक यह "786+किताबों" में को-ऑथर और "7 किताबों" के कंपाइलर भी हैं।
आप इनकी रचनाओं को इंस्टाग्राम @naharankita1 पर पढ़ सकते हैं।