कालजयी व्यक्तित्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय को इतिहास में राजनीतिक व्यक्तित्व के तौर पर रेखांकित किया जाता रहा है लेकिन इस राजनीतिक यात्रा में उनका पत्रकार पक्ष प्राय: अछूता सा रहा। वे जनसंघ के एक आधार स्तंभ रहे और संगठन के साथ ही कार्यकर्ताओं को मज़बूती से खड़ा करने में अपना सम्पूर्ण जीवन लगा दिया। उनका पत्रकार पक्ष बेहद संवेदनशील, सशक्त और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत रहा। वे प्रकाशन और मुद्रण से जुड़े कार्यों में सिद्धहस्त थे। वे समसामयिक विषयों पर महत्वपूर्ण लेखों के माध्यम से अपनी बेबाक़ टिप्पणियों के ज़रिए देश के समक्ष चिंतनपरक सामग्री उपलब्ध करवाते थे। उनके आलेखों ने पाठकों में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र समर्पण का भाव जगाया। डॉ विजय विप्लवी और डॉ कुंजन आचार्य की इस शोधपरक पुस्तक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पत्रकार पक्ष को रेखांकित करने को समग्र प्रयास किया गया है।