रोहित कुमार का यह उपन्यास सच्ची भावनाओं, संघर्ष और अधूरे प्रेम की मार्मिक कहानी है। कहानी राहुल और रितु के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ एक सच्चा प्रेम समाज, हालात और जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाता है।
राहुल, एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अपने सपनों को पूरा करने और रितु को पाने के लिए हर मुश्किल कासामना करता है। वहीं रितु, अपने परिवार और समाज की अपेक्षाओं में बंधी हुई है। किस्मत दोनों को ऐसे मोड़ पर लाकरखड़ा कर देती है, जहाँ चाहकर भी वे एक नहीं हो पाते।
कहानी में प्यार के साथ-साथ त्याग, दर्द, संघर्ष और जीवन की कड़वी सच्चाइयों को बेहद संवेदनशीलता से दर्शाया गया है।यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि उन हालातों की दास्तान है जहाँ दिल से ज्यादा फैसले परिस्थितियाँ लेती हैं। यहउपन्यास हर उस इंसान को छू जाएगा जिसने कभी सच्चा प्यार किया हो।
Delete your review
Your review will be permanently removed from this book.