Share this book with your friends

Pyar ka Darpan / प्यार का दर्पण

Author Name: Lakshay Goyal | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

 हिंदी शायरी का यह मार्मिक संग्रह अनकही स्वीकारोक्ति, अनंत लालसा, दिव्य प्रेम और भावपूर्ण हृदय विदारक भावनाओं के अंशों को एक साथ पिरोता है। हर पंक्ति एक भूले हुए खत की तरह बहती है, अनकही प्रार्थनाओं, छूटी हुई नज़रों और शाश्वत भक्ति की खुशबू से सराबोर। एक ऐसी दुनिया में जहाँ प्रेम अक्सर जल्दबाजी में या अति जटिल होता है, यह किताब उसकी सरलता और व्यक्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर करती है। चाहे वह एकतरफ़ा प्रेम का दर्द हो, वियोग के बाद का सन्नाटा हो, या निस्वार्थ स्नेह का पावन सौंदर्य—ये कविताएँ सिर्फ़ बोलती नहीं, गूँजती हैं। राधा-कृष्ण के आध्यात्मिक बंधन की कोमलता से लेकर जीवन की दहलीज़ पर इंतज़ार कर रहे एक भूले हुए प्रेमी के अकेलेपन तक, यह किताब उन सभी के लिए है जिन्होंने कभी किसी से इतना गहरा प्रेम किया है कि इस प्रक्रिया में उन्होंने खुद को खोया और पाया।

इन पन्नों को खोलें, और शायरी आपको याद दिलाए: "इश्क एक जज़्बा नहीं, जीने की वजह है। दिल से" 

इबादत की जाए तो जीवन की दवा है।”

Read More...

Ratings & Reviews

5 out of 5 (1 ratings) | Write a review
amishios2020

Delete your review

Your review will be permanently removed from this book.
★★★★★
v cute
Sorry we are currently not available in your region.

Also Available On

Lakshay Goyal

लक्षय गोयल एक लेखक और कवि हैं, जिनकी रचनाएँ भावनाओं, आत्ममंथन और प्रेम के अनकहे पहलुओं से गहराई से जुड़ी होती हैं। उनकी कविताओं की शैली सादी, विचारपूर्ण और संवेदनशील है, जो विरह, रिश्तों और आंतरिक परिवर्तन की जटिलताओं को सधे हुए अंदाज़ में प्रस्तुत करती है।

वे अपनी हिंदी शायरी की श्रृंखला के माध्यम से समर्पण, दूरी और उन शांत लम्हों की अनुभूति कराते हैं, जो मानवीय संबंधों को आकार देते हैं। सरलता और भावनात्मक ईमानदारी में रची-बसी उनकी लेखनी उन पाठकों से जुड़ती है, जो ख़ामोशी, स्मृतियों और सच्चे अभिव्यक्तियों में अर्थ तलाशते हैं।

Read More...

Achievements