नीलू जावला तेवतिया एक शिक्षाविद्, संवेदनशील कवयित्री और सृजनशील लेखिका हैं, जिनका जीवन शिक्षा, नेतृत्व और साहित्य के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल, कॉवेंट्री इंटरनेशनल (कनाडा) तथा अंग्रेज़ी एवं ई.एफ.एल.यू., हैदराबाद जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। वे यूनेस्को, आईएसटीएम, एनसीईआरटी और सीबीएसई से प्रमाणित मास्टर ट्रेनर हैं।
अपने समृद्ध व्यावसायिक अनुभव में उन्होंने लॉरेंस स्कूल, शिव नाडर फ़ाउंडेशन और बिड़ला एजुकेशनल सोसाइटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विविध नेतृत्वकारी दायित्वों का सफल निर्वहन किया है। वर्तमान में वे श्री राम एजुकेशनल सोसाइटी के अंतर्गत संचालित दो विद्यालयों का नेतृत्व कर रही हैं, जहाँ वे दूरदर्शी सोच, नवाचार और गुणवत्ता-आधारित शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वे एक सक्रिय शोधकर्ता और प्रखर लेखिका हैं। उनके नाम अनेक शोध-पत्र प्रकाशित हैं तथा उन्होंने समय-समय पर कई पुस्तकों का सृजन किया है। अपनी सकारात्मक ऊर्जा, नवोन्मेषी दृष्टि और संतुलित नेतृत्व शैली के लिए वे विशेष रूप से जानी जाती हैं। उनका जीवन-मंत्र है— “कभी हार न मानें” और “साझा किया गया ज्ञान, शक्ति को अनेक गुना बढ़ा देता है।”
इन उपलब्धियों के साथ-साथ उन्हें पठन, लेखन और शास्त्रीय नृत्य से गहरा अनुराग है। उनकी बौद्धिक गहराई और सृजनात्मक संवेदनशीलता उनके व्यक्तित्व को विशिष्ट और प्रेरणादायी बनाती है।