इस पुस्तक का विषय - वस्तु प्रशासनिक अनुभवों का गुच्छ बनाकर प्रकृति, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, विधि व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, चुनाव प्रक्रिया, सामाजिक व्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्था, खेल, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, पर्यटन एवं सूचना प्रसार जैसे विषयों को प्रस्तुत किया गया है। मैंने प्रत्येक प्रशासनिक प्रभार से कुछ न कुछ सीखा है। मैंने प्रत्येक मिलने वाले व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखा है। मैंने प्रत्येक मिलने वाले विशेषज्ञों से कुछ न कुछ सीखा है।
इस पुस्तक का प्रत्येक अध्याय वर्तमान परिदृश्य , आम राय एवं विशेषज्ञ राय का विश्लेषण करता है। मैंने अपने अनुभवी दृष्टिकोण से झारखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक जीवन का अवलोकन करने का प्रयास किया है ....... यह हमारी जिम्मेवारी है कि इस समाज से हमने जो कुछ सीखा है वह इसी समाज को वापस करें।