विपश्यना—अनेक व्यक्तित्व, अनेक अनुभव असाधारण व्यक्तियों के जीवन से बुना गया एक गहन बोध का ताना-बाना है। जीवंत संवादों और चिंतनशील अंतर्दृष्टियों के माध्यम से, विनीत और प्रतिभा पाठकों को शांति, धैर्य, आनंद, समत्व और अंतरमन की गहराइयों को खोजने के लिए आमंत्रित करते हैं।
यह पुस्तक केवल महानता को समर्पित नहीं है—यह उन सभी के लिए मार्गदर्शक है जो अपने जीवन में सार्थकता, विकास और प्रेरणा की तलाश कर रहे हैं।
___________________________________________________________________________
जैसा कि डॉ. किरण बेदी लिखती हैं:
“इस पुस्तक को असाधारण बनाने वाली बात है इसकी प्रामाणिकता और विनम्रता, जो इसके प्रत्येक पृष्ठ से प्रवाहित होती है। हर कहानी अपने मार्ग, चुनौतियों और जीवन की परिस्थितियों में अद्वितीय है। फिर भी, सभी एक ही गंतव्य पर पहुँचते हैं: आत्म-अवलोकन के माध्यम से आंतरिक शांति और प्रज्ञा की ओर।
सबसे हृदयस्पर्शी बात है लेखकों का इन महान व्यक्तित्वों के साथ जुड़ाव। उनकी जिज्ञासा सच्ची है, उनका वर्णन करुणामय है। वे महानता का गुणगान नहीं करते—वे मानवीकरण करते हैं। जब हम विपश्यना से परिवर्तित जीवनों के बारे में पढ़ते हैं, तो हम केवल प्रक्रिया नहीं सीखते—हम परिवर्तन को देखते हैं। हम मन की प्रवृत्तियों में परिवर्तन,विचारों के सूक्ष्म पुनर्गठन को अनुभव करते हैं…दृष्टिकोण के विस्तार को देखते हैं…
विपश्यना की शक्ति है जागरूकता—हमारी प्रतिक्रियाओं की, हमारे निर्णयों की, हमारी अनित्यता की। यह हमें सिखाती है कि निर्णय से पहले ठहरें, बोलने से पहले श्वास लें, और करने से पहले देखें। यह संसार से पलायन नहीं है, बल्कि उसमें ज्ञान के साथ जीने का प्रशिक्षण है।”
वास्तविक जीवन की कहानियों में विपश्यना को पिरोकर, यह पुस्तक अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं कि विपश्यना कैसे मन की शांति प्राप्त करने और एक सुखी, उपयोगी जीवन जीने में मदद करती है।
नए लोग जो ध्यान शुरू करना चाहते हैं और अनुभवी साधक — दोनों के लिए यह पुस्तक जीवंत अनुभवों और शाश्वत ज्ञान का अद्भुत संग्रह और प्रकाशस्तंभ है।
चाहे आप प्रेरणा खोज रहे हों, स्पष्टता चाहते हों, या जागरूकता और उपस्थिति के साथ जीने का गहन अर्थ समझना चाहते हों—यह पुस्तक आपको सशक्त बनाएगी।