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Manak vipanan pranali 3F-FUEL-FIRE-FUEL / मानक विपणन प्रणाली (3F-FUEL-FIRE-FUEL)

Author Name: Lava Kush Singh "vishwmanav" | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

विश्व–व्यवस्था का संचालन केवल आर्थिक संरचनाओं, उपभोक्ता व्यवहारों और बाज़ार तंत्रों से नहीं होता; उसके पीछे एक अदृश्य, किंतु सतत सक्रिय सिद्धान्त रहता है-ऊर्जा का प्रवाह, अर्थात् Fuel–Fire–Fuel की अनवरत प्रक्रिया। यही प्राकृतिक नियम इस पुस्तक का मूल है। “मानक विपणन प्रणाली (3F–Fuel–Fire–Fuel)” केवल विपणन का एक मॉडल नहीं, बल्कि जीवन, समाज, ब्रह्माण्डीय व्यवस्था और मानव-चेतना के कार्य-व्यवहार का विश्वमानक प्रस्तुत करती है। किन्तु यह ग्रंथ केवल व्यापारिक तकनीक तक सीमित नहीं रहता; यह मानव समाज के भीतर चल रही लाभ–शक्ति की दौड़ के मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आध्यात्मिक परिणामों पर भी गहन दृष्टि डालता है । पुस्तक यह मानती है कि बाज़ार की समस्याएँ केवल आर्थिक नहीं-मानसिक और नैतिक भी हैं। इसलिए इसका समाधान भी केवल आर्थिक सिद्धान्तों से नहीं, बल्कि मानक आधारित चेतना से सम्भव है।
अंतत: यह ग्रंथ बाज़ार, समाज और अध्यात्म-इन तीनों को एक ही सूत्र में बांधते हुए यह घोषित करता है कि-
“मानवता का भविष्य तभी सुरक्षित है जब विपणन, शासन और जीवन-सभी 3F सिद्धान्त पर आधारित मानक व्यवस्था में रूपांतरित हों।”
 यह पुस्तक व्यापारियों, छात्रों, नीति-निर्माताओं, नेटवर्क-प्रणालियों, शिक्षकों, नागरिकों-सभी के लिए मार्ग प्रशस्त करती है। यह केवल प्रणाली नहीं, एक चेतना-परिवर्तन का आमंत्रण है-जिसे सत्यकाशी पीठ ने “पाँचवें और अंतिम शंकराचार्य पीठ” की व्यापक दृष्टि के साथ प्रस्तुत किया है।

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लव कुश सिंह “विश्वमानव”

कल्कि महाअवतार के रूप में स्वयं को प्रकट करते श्री लव कुश सिंह “विश्वमानव” द्वारा प्रकटीकृत ज्ञान-कर्मज्ञान न तो किसी के मार्गदर्शन से है और न ही शैक्षिक विषय के रूप में उनका विषय रहा है। न तो वे किसी पद पर कभी सेवारत रहे, न ही किसी राजनीतिक-धार्मिक संस्था के सदस्य रहे। एक नागरिक का अपने विश्व-राष्ट्र के प्रति कत्र्तव्य के वे सर्वोच्च उदाहरण हैं। साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक क्षमता के प्रतीक हैं।

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