Share this book with your friends

Satya janahit āhvān / सत्य जनहित आह्वान

Author Name: Lava Kush Singh "vishwmanav" | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

यह ग्रंथ व्यक्ति को केवल शिक्षित नागरिक बनाने तक सीमित नहीं है; यह उसे समाज का सक्रिय, उत्तरदायी और मूल्य-आधारित सहभागी बनने का मार्ग दिखाता है। यहाँ ज्ञान का उद्देश्य केवल बौद्धिक विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुख की वृद्धि है; कौशल का लक्ष्य केवल रोज़गार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्पादकता का उन्नयन है; और सत्य नेटवर्क का प्रयोजन केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज के बीच पारदर्शी और विश्वासपूर्ण संबंध की स्थापना है।
 इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जनहित को राष्ट्रहित के केंद्र में रखती है। यह बताती है कि समाज में वास्तविक परिवर्तन केवल नीतियों या योजनाओं के माध्यम से नहीं आता; वह तब आता है जब प्रत्येक नागरिक शिक्षा, कौशल और सत्य के प्रकाश में स्वयं को बदलता है और अपनी ऊर्जा राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित करता है। यही “आह्वान” इस पुस्तक का मर्म है-एक ऐसा आह्वान जो व्यक्ति के भीतर छुपी अच्छाई, क्षमता और कर्तव्य-बोध को जाग्रत करता है।
 इस दृष्टि से “सत्य जनहित आह्वान” सिर्फ एक पुस्तक नहीं-एक प्रस्तावना, एक मार्ग-दर्शन और एक सामाजिक संकल्प है। यह उस भविष्य की कल्पना करता है जहाँ शिक्षा संपूर्ण हो, समाज पारदर्शी हो, और व्यक्ति सत्य को अपने जीवन का आधार बनाकर आगे बढ़े। आने वाले नवयुग में प्रवेश के लिए यह पुस्तक एक वैचारिक सेतु है-जो परम्परा और आधुनिकता, व्यक्ति और राष्ट्र, ज्ञान और कर्म के बीच संतुलन स्थापित करती है।

Read More...

Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners

Ratings & Reviews

0 out of 5 ( ratings) | Write a review
Write your review for this book

Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners

Also Available On

लव कुश सिंह “विश्वमानव”

कल्कि महाअवतार के रूप में स्वयं को प्रकट करते श्री लव कुश सिंह “विश्वमानव” द्वारा प्रकटीकृत ज्ञान-कर्मज्ञान न तो किसी के मार्गदर्शन से है और न ही शैक्षिक विषय के रूप में उनका विषय रहा है। न तो वे किसी पद पर कभी सेवारत रहे, न ही किसी राजनीतिक-धार्मिक संस्था के सदस्य रहे। एक नागरिक का अपने विश्व-राष्ट्र के प्रति कत्र्तव्य के वे सर्वोच्च उदाहरण हैं। साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक क्षमता के प्रतीक हैं।

Read More...

Achievements

+5 more
View All