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kashi rahasyodghaatan / काशी रहस्योद्घाटन

Author Name: Lava Kush Singh "vishwmanav" | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

यह ग्रंथ केवल ऐतिहासिक-पुरातात्विक सत्यों का संग्रह नहीं; इसमें समकालीन संदर्भ और स्थानीय स्त्रोतों के उद्धरण भी हैं-वाराणसी विश्वविद्यालय, स्थानीय समाचारों और सत्यकाशी क्षेत्र के जन-साक्ष्यों का उपयोग कर पुस्तक ने काशी को एक जीवित परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया है। ग्रंथ अंतर्गत चुनार, मीरजापुर, सोनभद्र जैसे स्थानों का विस्तृत स्थानीय इतिहास व सांस्कृतिक विवरण शामिल है, जो काशी के परिधि-क्षेत्र को भी आध्यात्मिक व ऐतिहासिक दृष्टि से जोड़ता है। लेखक की शैली आध्यात्मिक चिंतन और अनुशासित शोध के बीच संतुलन बनाती है। पुराणिक कथाओं, वैदिक-स्मृति-ग्रन्थों और आधुनिक ऐतिहासिक-वैज्ञानिक विचारों के संदर्भ ग्रंथ को बहुआयामी बनाते हैं। उदाहरणत: मनु वंशावलियाँ, कश्यप-महर्षि का चरित्र, अवतार-विज्ञान-ये सभी परंपरागत कथानक पुस्तक के तर्क-आधारित विश्लेषण से जुड़े हैं, जिससे पाठक को केवल कथाएँ पढ़ना नहीं, बल्कि उनके पीछे निहित तर्क और मानव-चेतना की परतों को समझने का अवसर मिलता है। अन्त में, यह पुस्तक एक निमंत्रण है-न केवल तीर्थ-यात्रा हेतु बल्कि विचार-यात्रा हेतु। काशी की पुरातन महिमा, सत्यकाशी की नवोदय योजना, और विश्वधर्म/विश्वमानव की व्यापक दृष्टि-इन सबकी संयुक्त प्रस्तुति पाठक को आंतरिक मंथन, सामाजिक योगदान और युग-परिवर्तन के लिये प्रेरित करती है। लेखक का स्पष्ट उद्देश्य है: काशी को केवल अतीत का स्मारक न रहकर, भविष्य के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मानकों का केन्द्र बनाना-ताकि एक नव-मानव और नव-संसार का निर्माण हो सके।

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लव कुश सिंह "विश्वमानव"

कल्कि महावतार के रूप में स्वयं को प्रकट करते हुए श्री लव कुश सिंह "विश्वमानव" द्वारा ज्ञान-कर्मज्ञान और न तो किसी के मार्गदर्शन से हैं और एक ही शैक्षणिक विषय के रूप में उनका विषय रखा जा रहा है। न तो वे किसी पद पर कभी सेवारत रहे, न  ही किसी राजनीतिक-धार्मिक संस्था के सदस्य रहे हैं। एक नागरिक का अपने विश्व-राष्ट्र के प्रति कर्तव्य के वे सर्वोच्च उदाहरण हैं। साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक क्षमता के प्रतीक हैं।

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