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Patrakar Deendayal Upadhyay / पत्रकार दीनदयाल उपाध्याय

Author Name: Dr. Vijay Viplavi, Dr. Kunjan Acharya | Format: Hardcover | Genre : Biographies & Autobiographies | Other Details

कालजयी व्यक्तित्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय को इतिहास में राजनीतिक व्यक्तित्व के तौर पर रेखांकित किया जाता रहा है लेकिन इस राजनीतिक यात्रा में उनका पत्रकार पक्ष प्राय: अछूता सा रहा। वे जनसंघ के एक आधार स्तंभ रहे और संगठन के साथ ही कार्यकर्ताओं को मज़बूती से खड़ा करने में अपना सम्पूर्ण जीवन लगा दिया। उनका पत्रकार पक्ष बेहद संवेदनशील, सशक्त और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत रहा। वे प्रकाशन और मुद्रण से जुड़े कार्यों में सिद्धहस्त थे। वे समसामयिक विषयों पर महत्वपूर्ण लेखों के माध्यम से अपनी बेबाक़ टिप्पणियों के ज़रिए देश के समक्ष चिंतनपरक सामग्री उपलब्ध करवाते थे। उनके आलेखों ने पाठकों में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र समर्पण का भाव जगाया। डॉ विजय विप्लवी और डॉ कुंजन आचार्य की इस शोधपरक पुस्तक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पत्रकार पक्ष को रेखांकित करने को समग्र प्रयास किया गया है।

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डॉ. विजय विप्लवी, डॉ. कुंजन आचार्य

डॉ. विजय विप्लवीविप्लवी ने मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। 1992 से 2003 तक अपनी पत्रकार जीवन यात्रा में उदयपुर से प्रकाशित जय राजस्थान दैनिक में नगर संवाददाता व समाचार सम्पादक रहे तदनन्तर 2004 से स्वतंत्र पत्रकार हैं। प्रेरक प्रसंग 'भानुजी' के संग, तारूण्य स्मारिका व जागरण पाती का सम्पादन किया है। 1978 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्पर्क के साथ ही सार्वजनिक जीवन यात्रा शुरु की। 1999-2004 तक नगर परिषद्, उदयपुर में पार्षद रहे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ, मथुरा द्वारा "सारस्वत सम्मान 2025" तथा राजस्थान सरकार के भाषा विभाग द्वारा "हिन्दी सेवा सम्मान 2025" से पुरस्कृत।-----------------डॉ. कुंजन आचार्यडॉ. कुंजन 2012 से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में विभागाध्यक्ष है।जय राजस्थान, प्रतिदिन, राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, ईटीवी राजस्थान, ईटीवी उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड में संवाददाता से लेकर संपादक तक का सफर। एबीपी न्यूज, आजतक, जी न्यूज, डीडी न्यूज, लोकसभा टीवी और बीबीसी के लिए विषय विशेषज्ञ के तौर पर भागीदारी।अब तक सात पुस्तकें प्रकाशित। कविता संग्रह 'एक टुकड़ा आसमान' को 2001 में साहित्य अकादमी पुरस्कार। महाराणा मेवाड फाउंडेशन का राजसिंह पुरस्कार तथा पत्रकारिता क्षेत्र का प्रतिष्ठित माणक अलंकरण सम्मान। राजस्थान सरकार द्वारा "हिन्दी सेवा सम्मान 2025" से पुरस्कृत। वर्तमान में अखिल भारतीय साहित्य परिषद चित्तौड़ प्रान्त मीडिया प्रमुख का दायित्व।

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