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Soch / सोच Ek kavya sangrah

Author Name: Vishal Maurya | Format: Hardcover | Genre : Poetry | Other Details

सोच"  विशाल मौर्या (17 वर्ष) द्वारा लिखी गई कविताओं, शेरों और ग़ज़लों का एक सुन्दर संग्रह है। यह पुस्तक जीवन, प्रेम, दर्द, प्रकृति और सामाजिक संवेदनाओं जैसे विषयों को गहराई से छूती है। हर रचना एक विचार से जन्मी है और पाठक को अपने ही एहसासों से रूबरू कराती है। विशाल का उद्देश्य है कि उनके शब्द पाठकों के दिल तक पहुँचें और वे इन पंक्तियों में स्वयं को पा सकें।


 

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Hardcover

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5 out of 5 (1 ratings) | Write a review
mauryateam08

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This book is very good... I bought it and read it, I liked it very much.
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विशाल मौर्या

विशाल मौर्य, 17 वर्षीय युवा लेखक, जिन्होंने कम उम्र में ही भावनाओं को शब्दों में ढालने की अद्भुत कला विकसित कर ली है। कविता और ग़ज़लों ने उन्हें हमेशा गहराई से आकर्षित किया, और यही लगाव उनकी पहली कृति “सोच” का आधार बना। उनके लेखन में जीवन की सच्चाइयाँ, प्रकृति की सुंदरता, सामाजिक सरोकार और मानवीय भावनाओं की गहराई स्पष्ट रूप से झलकती है। सरल भाषा में गहरे एहसासों को व्यक्त करना उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। विशाल का उद्देश्य है कि पाठक उनकी पंक्तियों में अपने अनुभव और भावनाएँ खोज सकें और शब्दों के माध्यम से स्वयं से जुड़ सकें।

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