*अप्प दीपो भव*
*सफलता का शास्त्र*
आधुनिक डिजिटल युग की चुनौतियों और प्राचीन भारतीय ज्ञान के बीच एक गहरा संवाद प्रस्तुत करने वाली प्रेरणादायक पुस्तक है। यह पुस्तक बताती है कि कैसे स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और डोपामाइन की आदतें आज के युवाओं की एकाग्रता और मानसिक संतुलन को प्रभावित कर रही हैं। एक युवा पात्र रवि की यात्रा के माध्यम से लेखक आधुनिक मनोविज्ञान और भारतीय ऋषियों सुश्रुत, चरक, कपिल, पतंजलि और गौतम बुद्ध के जीवन दर्शन को जोड़ते हैं। साथ ही पुस्तक एक व्यावहारिक *30-दिवसीय डिजिटल* डिटॉक्स मार्ग भी प्रस्तुत करती है, जो पाठक को आत्मचेतना, अनुशासन और आंतरिक संतुलन की ओर ले जाता है। इसका मूल संदेश है *सच्ची सफलता बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि अपने भीतर के प्रकाश को जागृत करने में है: “अप्प दीपो भव” अपना दीपक स्वयं बनो।*
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