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100 varsheey sanyukt raashtr ko agrim sandesh / 100 वर्षीय संयुक्त राष्ट्र को अग्रिम सन्देश

Author Name: Lava Kush Singh "vishwmanav" | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

मानव इतिहास सदियों से एक ऐसे संतुलन की तलाश में रहा है जहाँ शक्ति, विज्ञान, राजनीति, आध्यात्मिकता और मानवीय चेतना एक-दूसरे का विरोध नहीं बल्कि पूरक बनें। सभ्यताएँ उठीं, साम्राज्य गिरे, विचारधाराएँ बदलीं - पर एक प्रश्न सदैव अधूरा रहा: "क्या मानवता कभी एक ऐसा विश्व बना पाएगी जहाँ युद्ध नहीं, संवाद हो; भय नहीं, विश्वास हो; विभाजन नहीं, एकता हो?" द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जब संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई, तब मानवता ने पहली बार सामूहिक रूप से स्वीकार किया कि वैश्विक शांति केवल संधियों, हथियारों या व्यवस्था का विषय नहीं - बल्कि मानव-चेतना के विकास का परिणाम है। पिछले सौ वर्षों की यात्रा में संयुक्त राष्ट्र ने कई मोर्चों पर मानव और पृथ्वी के हित में प्रयास किए - लेकिन आज भी दुनिया भुखमरी, युद्ध, हथियार, धार्मिक कट्टरता, आर्थिक असमानता और मानसिक विभाजन की दहलीज पर खड़ी है। इसी ऐतिहासिक मोड़ पर यह ग्रंथ लिखा गया है। यह केवल दस्तावेज़ नहीं - बल्कि एक चेतावनी, एक प्रस्ताव, और एक अवसर है। एक ऐसा अवसर जिसमें मानवता स्वयं को पुनर्परिभाषित कर सकती है। इस पुस्तक का उद्देश्य किसी राष्ट्र, धर्म, विचारधारा या राजनीतिक सत्ता को चुनौती देना नहीं है - बल्कि उस सार्वभौमिक मानक की खोज और प्रस्तुति है, जो आने वाले विश्व का आधार बन सकता है। वह मॉडल, जहाँ न राष्ट्र मिटेंगे, न संस्कृतियाँ खो जाएँगी - बल्कि मानवता एक वैश्विक परिवार (Vasudhaiva Kutumbakam) के रूप में विकसित होगी।यह पुस्तक उसी परिवर्तन का बीज है।यह संदेश है - संयुक्त राष्ट्र के 100वें वर्ष का,और साथ ही - मानव सभ्यता के अगले 1000 वर्षों का आरंभ।

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लव कुश सिंह "विश्वमानव"

कल्कि महावतार के रूप में स्वयं को प्रकट करते हुए श्री लव कुश सिंह "विश्वमानव" द्वारा ज्ञान-कर्मज्ञान और न तो किसी के मार्गदर्शन से हैं और एक ही शैक्षणिक विषय के रूप में उनका विषय रखा जा रहा है। न तो वे किसी पद पर कभी सेवारत रहे, न  ही किसी राजनीतिक-धार्मिक संस्था के सदस्य रहे हैं। एक नागरिक का अपने विश्व-राष्ट्र के प्रति कर्तव्य के वे सर्वोच्च उदाहरण हैं। साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक क्षमता के प्रतीक हैं।

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