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Namaste Sada Vatsale Matrubhoome / नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे

Author Name: Dr. Ravindra Pastor | Format: Paperback | Genre : Young Adult Fiction | Other Details

*नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे* लेखक डॉ. रवीन्द्र पस्तोर द्वारा रचित एक गहन, विचारोत्तेजक और आत्ममंथन कर देने वाली कृति है, जो भारत को केवल एक राष्ट्र या भौगोलिक संरचना के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवंत, जागृत और शाश्वत चेतना के रूप में प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक आधुनिक युवक आर्य की वैचारिक यात्रा के माध्यम से पाठक को सिलिकॉन वैली की तकनीकी चकाचौंध से भारत की सनातन जड़ों तक ले जाती है, जहाँ विज्ञान, अध्यात्म, दर्शन और राष्ट्रबोध आपस में संवाद करते हैं। लेखक इस कृति में यह स्पष्ट करते हैं कि भारत की आत्मा अंधविश्वास या भावुकता में नहीं, बल्कि तर्क, शोध, अनुभव और विवेक में निहित है। नासदीय सूक्त और बिग बैंग थ्योरी, उपनिषदों और आधुनिक चेतना विज्ञान, गीता और कर्म के मनोविज्ञान के माध्यम से यह पुस्तक प्राचीन सनातन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण करती है। उज्जैन, काशी, ऋषिकेश, कन्याकुमारी, अयोध्या और कुरुक्षेत्र जैसे सांस्कृतिक केंद्रों की यात्रा करते हुए पाठक यह समझ पाता है कि धर्म मर्यादा है, शक्ति अनुशासन है और राष्ट्र निर्माण सत्ता का विस्तार नहीं बल्कि मानवता के प्रति उत्तरदायित्व है। यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो भारत को केवल मानने नहीं, समझना चाहते हैं; जो विज्ञान और अध्यात्म के संतुलन की खोज में हैं; और जो अपने अहं को राष्ट्र की विराट चेतना में विलीन करने का साहस रखते हैं। नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक संवाद, एक साधना और स्वयं से राष्ट्र तक की यात्रा है।

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डॉ. रवीन्द्र पस्तोर

लेखक परिचय 
डॉ. रवीन्द्र पस्तोर  एक सच्चे पुनरुत्थान और पुनर्खोजी व्यक्ति रहे हैं, जो दूरदर्शी, सफल उद्यमी, जुनूनी फोटोग्राफर, वाक्पटु प्रेरक वक्ता, और उत्कृष्ट रूप से सफल आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने सरकार में अपने छत्तीस वर्षों के उपलब्धीपूर्ण करियर के दौरान कई नवीनतम और प्रशंसनीय  प्रशासनिक नीतिगत परिवर्तनों का नेतृत्व किया।

अब वे अपने बहुरूपदर्शी अनुभवों, अन्वेषणों और प्रयोगों को आध्यात्मिक ज्ञान से परिपूर्ण करके एक उपन्यास लेखक के रूप में प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं, जिसे उन्होंने अपने अत्यंत सक्रिय जीवन अनुभव के माध्यम से प्राप्त किया है। यह उपन्यास पाठकों को लोककथाओं, पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों की एक अद्भुत रोमांचक यात्रा पर ले जाएगा!

अब तक उन्होंने 24 पुस्तकें प्रकाशित कर पाठकों के बीच अपने विचारों और कथाओं की यात्रा को साझा किया है।

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